पहली महिला मुख्यमंत्री और यूपी की चौथी सीएम थी सुचेता कृपलानी जानिए उनके जीवन परिचय के बारे में | Sucheta Kripalani was the first woman Chief Minister and the fourth CM of UP, know about her life introduction in Hindi

सुचेता कृपलानी भारत और उत्तर प्रदेश की पहली मुख्यमंत्री (सीएम) :-

भारत की आजादी के बाद जहां पुरुष सीएम ने अलग अलग राज्यों में सीएम पद पर शपथ ग्रहण की थी वहीँ सुचेता कृपलानी एक ऐसी महिला थी जिसे उत्तर प्रदेश में ही नहीं पर पुरे भारत में पहली मुख्यमंत्री (सीएम) बनने का गौरव प्राप्त है। भारत और उत्तर प्रदेश की पहली मुख्यमंत्री को एक मुख्यमंत्री कहें या फिर देश की एक फ्रीडम फाइटर दोनों में कोई दोनों में कोई अंतर नहीं हैं। सुचेता कृपलानी एक ऐसी महिला थी जो उत्तर प्रदेश की पहली मुखयमंत्री के रूप में पांच साल से कम मुख्यमंत्री रही पर उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल संघर्ष भरा था उन्होंने देश की आजादी के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए कई सराहनीय काम किये। 

आइये जानते हैं उत्तर प्रदेश और भारत की पहली मुख्यमंत्री के जीवन परिचय , आजादी की लड़ाई में दिए गए योगदान और मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में।


इंडियन फर्स्ट सीएम सुचेता कृपलानी का जन्म, परिवार और शिक्षा | Birth, Family and Education of Sucheta Kriplani

देश की पहली मुख्यमंत्री का जन्म भारत के पहले के पंजाब प्रान्त के अंबाला में एक हिन्दू फैमिली में 25 जून 1908 में एक बंगाली परिवार में हुआ था। 1966 से पहले अम्बाला पंजाब का हिस्सा था पर बाद में अब ये हरियाणा राज्य का हिस्सा है। सुचेता कृपलानी के पिता जी का नाम एक चिकित्सा अधिकारी थे और देश की आज़ादी के चिंतक भी थे। सुचेता ने प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक राज्य से शुरू की और बाद में सुचेता ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और सेंट स्टीफंस कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में लेक्चरर की नौकरी कर ली। अपनी पूरी शिक्षा करने के बाद उन्होंने सन 1936 में 28 साल की उम्र में समाजवादी आचार्य कृपलानी के साथ शादी कर ली। दोनों परिवारों ने उनकी शादी का विरोध किया था क्योंकि आचार्य खुद को गांधी बताते थे। हालाँकि महात्मा गाँधी ने उन्हें किसी और से शादी करने की सलाह दी थी और उन्होंने आचार्य कृपलानी के साथ ही शादी की थी।

क्यों और कैसे बनी सुचेता एक आजादी की नायिका ?

दरससल जब सुचेता कृपलानी कॉलेज में पढ़ती थी तब उन्होंने ही वह जालियां वाले हत्याकांड से बहुत गुस्से में और ब्रिटिश की नीतियों से नाखुश थी। पहली सुचेता बचपन से इतनी इच्छा शक्ति से या स्ट्रांग लड़की नहीं थी पर जब वह दस साल की थी तो उनके परिवार वालों ने उन्हें 1919 के जलियावाले हत्याकांड का वृतांत सुनाया था उसके बाद सुचेता कृपलानी के मन में क्रोध और देश के लिए लड़ने की ताकत आयी थी। इसके बाद सुचेता कृपलानी और उसकी बहिन ने देश की आजादी के आंदोलन में कूदने की ठान ली थी। इसके बाद उन्होंने देश की आज़ादी के लिए एक नायिका के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

क्या था भारत की पहली सीएम सुचेता कृपलानी का आजादी की लड़ाई में योगदान :-

सुचेता कृपलानी की उस वक्त की आज़ादी के लिए बेताब महिला दो महिलाओं की कांटेक्ट में आयी जिनका नाम अरुणा आसफ अली और उषा मेहता था। कृपलानी ने उनसे कन्धा से कन्धा मिलाया और देश की स्वतंत्रता के लिए कदम रखे। इसके बाद भारत छोड़ो अंदोलन में भी अपना योगदान दिया और महात्मा गाँधी के विचारों पर चलते हुए भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत रखते हुए उन्होंने भारत के विभाजन के समय भी महात्मा गाँधी के साथ मिलकर काम किया।

जब भारत की आजादी के बाद भारत में कुछ जुझारू महिलाओं का चयन किया गया तब सुचेता कृपलानी भी उनमे से एक थी। जब भारत देश आजाद हुआ तो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू बने। जब भारत देश की आज़ादी का जश्न 14 अगस्त की रात मना रहा था तो उस वक्त पंडित नेहरू के साथ खड़े होकर सुचेता कृपलानी ने भारत की आजादी के लिए भारत के राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम का गायन किया था।

देश की पहली महिला सुचेता कृपलानी का आज़ादी के बाद राजनैतिक सफर :-

देश की सविंधानिक सभा जुड़े रहने के बाद सुचेता कृपलानी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस से 1952 में चुनाव लड़ा और दिल्ली से चुनाव फाइट किया। उनके प्रतिद्वंदी उस वक्त मनमोहनी सहगल थी और उन्होंने चुनाव में उन्हें हरा दिया था। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने फिर से उसी चुनाव क्षेत्र से इलेक्शन लड़े और जीत गई। 1957 में सुचेता ने उत्तर प्रदेश के गोंडा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और वह उनका अंतिम लोकसभा का चुनाव था।

सुचेता कृपलानी 1960 से लेकर 1963 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए तीन साल के लिए विधानसभा सदस्य रही। उनकी राजनीती या राजनैतिक जीवन में तब बदलाव आया जब 1969 में इंडियन नेशनल कांग्रेस का विभाजन हुआ था और मोरार जी देसाई जैसे दिग्जों ने भारतीय जनता पार्टी को चढ़ने का फैसला किया था ,सुचेता भी उन में से एक थी और उन्होंने 1969 में इंडियन नॅशनल कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया था। 1971 में उन्होंने देश और उत्तर प्रदेश की राजनीती को सदा के लिए अलविदा कह दिया था।

सुचेता कृपलानी का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यकाल | Sucheta Kriplani tenure as Chief Minister of Uttar Pradesh

भारत की और उत्तर प्रदेश की पहली मुखयमंत्री का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के
रूप में कार्यकाल 2 अक्टूबर 1963 से शुरू हुआ था। सुचेता कृपलानी उत्तर प्रदेश की 2 अक्टूबर 1963 से लेकर 13 मार्च 1967 तक तीन साल और 162 दिन तक उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही। उनके कार्यकाल में कुछ राजनैतिक घटना क्रम हुए पर उन्होंने हर किसी राजनैतिक मुसीबत का डट कर सामना किया।

कैसे और कब हुआ था यूपी और भारत की पहली सीएम सुचेता कृपलानी का का देहांत | Sucheta Kripalani Death

1971 में सुचेता कृपलानी ने फैजाबाद से एनसीओ के लिए चुनाव लड़े पर वह इस इलेक्शन में हार गई। इलेक्शन हरने के बाद सुचेता कृपलानी ने राजनीती को सदा के लिए अलविदा कह दिया और एकांत में रहना शुरू कर दिया। 1971 से लेकर 1974 तक सुचेता ने राजनीति से दूर रहकर शांति वाला जीवन व्यतीत किया। 1 दिसंबर 1974 में जब सुचेता कृपलानी 70 वर्ष की थी तो दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका देहांत हो गया और देश की पहली महिला मुख्यमंत्री ने सभी को अलविदा कह दिया।

FAQ  : भारत की और उत्तर प्रदेश पहली महिला सीएम से जुड़े कुछ सवाल जवाब :-

प्रश्न :- पहली महिला मुख्यमंत्री का नाम क्या था ?
उत्तर :- पहली सीएम का नाम सुचेता कृपलानी था।

प्रश्न :- भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री कौन थी ?
उत्तर :- सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थी।

प्रश्न :- पहली महिला मुख्यमंत्री का सबंध किस राज्य से था ?
उत्तर :- पहली महिला सीएम भारत के उत्तर प्रदेश राज्य से रहने वाली थी।


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