तेहरवें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी : बायोग्राफी,जन्म परिवार शिक्षा,परिवार, राजनैतिक सफर, कार्यकाल, डेथ | 13th President Pranab Mukherjee: Biography, Birth, Family, Education, Family, Political Journey, Tenure, Death
भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जीवनी | Biography
प्रणब मुख़र्जी एक भारतीय राजनेता थे, जिन्होंने 2012 से 2017 तक भारत के 13 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। पांच दशकों के राजनीतिक जीवन में, मुखर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक वरिष्ठ नेता थे और भारत सरकार में कई मंत्रिस्तरीय विभागों पर काम किया था। राष्ट्रपति के रूप में अपने चुनाव से पहले, मुखर्जी 2009 से 2012 तक केंद्रीय वित्त मंत्री थे।उन्हें 2019 में राष्ट्रपति के रूप में उनके उत्तराधिकारी राम नाथ कोविंद द्वारा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रणब मुखर्जी भारत के पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं देश के एक अच्छे नेता भी थे।आइये जानते हैं भारत के 13 वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के जीवन परिचय, इतिहास और राजनीतिक सफर के बारें में।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी प्रोफाइल ( बायोग्राफी) | Pranab Mukherjee Short Biography in Hindi
क्रम संख्या | जीवन परिचय बिंदु | जीवन परिचय |
1 | प्रणब मुखर्जी फादर नेम | कामदा किंकर मुखर्जी |
2 | Mother नेम | राजलक्ष्मी मुखर्जी |
3 | जन्म तारीख | 11 दिसंबर 1935 |
4 | जन्म स्थान | बंगाल प्रेसीडेंसी, भारत, वीरभूमि जिला, मिराती गांव |
5 | धर्म | हिन्दू |
6 | जाति | ब्राह्मण |
7 | कुल भाई बहन | तीन |
8 | कुल संतानें | तीन संतानें, दो बेटे एक बेटी |
9 | शिक्षा | मास्टर डिग्री इन राजनीति शास्त्र और इतिहास, एल-एल बी |
10 | राजनीति में कब आये | 1969 में |
11 | कितने साल राजनीति में रहे | लगभग 50 साल |
12 | प्रणब मुखर्जी को पद्मविभूषण कब मिला | प्रणब मुखर्जी को 2008 में पद्मविभूषण मिला था। |
13 | प्रणब मुखर्जी को पद्म श्री कब मिला | 1977 में पद्मश्री मिला था। |
14 | प्रणब मुखर्जी को भारत रतन कब मिला | 2019 में उन्हें भरत रतन मिला जो Ram Nath Kovind जी ने दिया था। |
15 | प्रणब मुखर्जी कितने साल भारत के राष्ट्रपति रहे | 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक पुरे 5 साल |
16 | डेथ डेट | 31 अगस्त 2020 |
17 | प्रणब की मृत्यु के समय उम्र | 84 वर्ष आठ महीने |
18 | मृत्यु का कारण | कोरोना महामारी, कोविड 19 |
19 | मृत्यु के समय प्रणब की सम्पति (Net Worth) | 1,85,90,417 भारतीय रुपये |
प्रणब मुखर्जी का जन्म | Birth of Former President Pranab Mukherjee
प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 में ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रेसीडेंसी जो अब पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में है। उनका जन्म एक गांव में हुआ था जसका नाम मिराती है। जन्म एक हिन्दू परिवार के कुलीन ब्राह्मण जाति में हुआ था। उनका परिवार उनके जन्म से ही एक सक्रिय राजनीति के साथ जुड़ा हुआ था। परिवार स्वंत्रता के इतिहास से जुड़ा हुआ था। आइये नजर डालते हैं उनके फैमिली ट्री के ऊपर।प्रणब मुखर्जी फैमिली | President Pranab Mukherjee Family
पिता जी नाम :- प्रणब मुखर्जी के पिता जी का नाम कामदा किंकर मुखर्जी था जो एक स्वतंत्रता एक सक्रिय नेता थे। और 1952 और 1964 के बीच उनके पिता जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में पश्चिम बंगाल विधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया था।माता जी का नाम :- उनकी माता जी का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था जो एक ग्रहिणी औरत थी। प्रणब मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी की शादी 1957 में हुई थी जब प्रणब मुखर्जी की की उम्र 22 साल थी। उनकी पत्नी का देहांत 2015 में हुआ था। उनके देहांत के पांच साल बाद 2020 में देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब का देहांत 2020 में हुआ था।
प्रणब मुखर्जी भाई बहन :- देश के 13 राष्ट्रपति प्रणब के दो भाई बहन थे दोनों प्रणब मुखर्जी से बड़े थे बड़े भाई का नाम पीयूष मुखर्जी था जो एक प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत थे। उनकी बहन भी उनसे बड़ी थी जिनका नाम अन्नपूर्णा बनर्जी था।
प्रणब मुखर्जी के बच्चे :- प्रणब मुखर्जी के दो बेटे हैं बड़े का नाम अभिजीत मुखर्जी और छोटे का नाम इंद्रजीत मुखर्जी दोनों ही सी पी एम् के एक कुशल कार्यकर्ता हैं। बेटी का नाम शर्मिष्ठा मुखर्जी है जो भारत की जानी मानी कथक नर्तक और राजनेत्री हैं। इसके साथ वह एक नेता के रूप में काम करती थी पर 2021 में उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया था।
प्रणब मुखर्जी एजुकेशन | Education
मुखर्जी ने सूरी (बीरभूम) में सूरी विद्यासागर कॉलेज में अपनी पढ़ाई की, जो उस समय कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था। स्नातक की शिक्षा के बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान और इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की। राजनीति विज्ञान और इतिहास में मास्टर डिग्री प्राप्त करें के बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई पूरी की।पढ़ाई पूरी होने के बाद प्रणब मुखर्जी ने किये इन पदों पर काम :-
1967 में प्रणब मुखर्जी कलकत्ता में उप महालेखाकार डाक और तार विभाग के कार्यालय में एक उच्च श्रेणी के क्लर्क नहीं रहे। 1963 में उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत विद्यानगर कॉलेज, कोलकाता में राजनीति विज्ञान के प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य किया।
श्री प्रणव मुखर्जी का राजनैतिक सफर | Political Journey of Shri Pranab Mukherjee
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का राजनीतिक सफर लगभग उनकी मृत्यु अर्थात 2020 में जब उनकी मृत्यु हुई तक 50 साल का था। वैसे तो उनके परिवार में राजनीती की पैठ पहले से ही थी पर उन्होंने राजनीति में शुरुआत 1969 में की जब वे भारत उच्च सदन के राजयसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। उन्होंने भारत के राज्य सभा के सदस्य के रूप में चार बार नियुक्त किया गया था। राज्य सभा का उनका पहला कार्यकाल सन 1975,1981,1993 और 1999 में रहा। वैसे मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1967 में बांग्ला कांग्रेस के संस्थापक सदस्य के रूप में की थी।
कांग्रेस पार्टी में आने से पहले उन्होंने संयुक्त मोर्चा गठबंधन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रणव मुखर्जी जब पहली बार राजयसभा के सदस्य बने थे तो उन्होंने कांग्रेस के विरुद्ध चुनाव लड़े थे और स्वतंत्र उम्मीदवार, वी. के. कृष्ण मेनन के मिदनापुर उपचुनाव अभियान में सफल प्रबंधन किया। इसी प्रबंधन के कारण उन्हें 1969 में बांग्ला कांग्रेस के लिए चुनाव जीते थे।
जब प्रणव मुखर्जी संयुक्त मोर्चा गठबंधन के लिए सक्रिय काम कर रहे थे तो अजय मुखर्जी जो पश्चिम बंगाल के तीन बार मुख्यमंत्री थे ने इंदिरा गाँधी के प्रयासों से मिलकर प्रणव मुखर्जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में लाने का सफल प्रयास किये थे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बांग्ला कांग्रेस को छोड़कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे इसके बाद ही उन्हें चार बार संसद में बैठने का मौका मिला था।
इंदिरा गाँधी के मंत्रिमंडल में उन्हें टॉप का मंत्री चुना गया और जब भारत में इमरजेंसी लगी हुई थी वे भारत केंद्रीय औद्योगिक विकास मंत्री रहे थे उन्होंने इंदिरा गाँधी के कार्यकाल में एक सक्रिय कोंग्रेसी नेता के रूप में कार्य किया। उन्होंने इंदिरा गाँधी के कार्यकाल में एक सफल वित्तमंत्री के रूप में कार्य किया जिसकी सरहाना कांग्रेस पार्टी ने की। इस सहयोग के लिए अकेले ही जिमेवार नहीं थे पर उस वक्त भारत के रिज़र्व बैंक के गवर्नर भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री सरदार डॉक्टर मनमोहन सिंह थे।
1985 में इंदिरा गाँधी की मृत्यु के बाद कांग्रेस पार्टी में आपसी कलह पड़ गई जिसके कारण उन्होंने राजीव गाँधी से नाराज होकर एक अलग पार्टी का चयन कर लिया था जिसका नाम था राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस। 1985 से 1989 तक उन्हें इंडियन नेशनल कांग्रेस से बहार रखा गया। राजीव गाँधी के प्रयासों से उन्हें फिर भारतीय कांग्रेस पार्टी में बुलाया गया और 1989 नासिम्हा राव के मंत्रिमंडल में मंत्री पद मिला और उन्हें योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया।
जब डॉक्टर मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे प्रणब मुखर्जी लोकसभा 2004 से 2012 तक के सदन के नेता के रूप में चुने गए। 2004 से 2006 तक वे देश के केंद्रीय रक्षा मंत्री रहे। 2006 से 2009 तक वे केंद्रीय विदेश मंत्री रहे। 2009 से 2012 तक वे केंद्रीय वित्त मंत्री रहे उसके बाद उन्होंने देश के राष्ट्रपति के रूप में काम किया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति कार्यकाल और चुनाव 2012 | Presidential term and election 2012 of former President Pranab Mukherjee
अपने लम्बे राजनीतिक सफर के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2012 में देश के राष्ट्रपति के रूप में चुने गए उनके राष्ट्रपति का सफर और चुनाव कुछ दिलचस्प सा था। 2012 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए आठ पार्टी के मेंबर ने भाग लिया था। इस चुनाव में नेशनल डेमोक्रेटिक एलियंस के सदस्य पी ए संगमा को 28% प्रतिशत वोट मिले जिन्होंने, कुल 315,987 वोटों के लिए 145,848 एमपी वोट और 170,139 एमएलए वोट हासिल लिए थे वे दूसरे नंबर पर रहे थे।इस चुनाव में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलियन्स के सदस्य प्रणब मुखर्जी की जीत हुई थी जब उन्होंने कुल मतदान का 33.2 % हासिल किये थे। प्रणब मुखर्जी को इन चुनावों में कुल 713,763 वोटों के लिए 373,116 एमपी वोट और 340,647 विधायक वोट मिले थे। इन चुनावों में प्रणब मुखर्जी की जीत का अन्य दलों की क्रॉस वोटिंग थी। समाजवादी पार्टी ने इन चुनावों में कुल 6.2 % वोट हासिल किये थे। 2012 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए, UPA,NDA, समाजवादी पार्टी, लेफ्ट, TMC, बहुजन समाजवादी पार्टी, AIADMK, और बीजू जनता दल के नेताओं ने राष्ट्रपति चुवाव में भाग लिया था।
प्रणब मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक पुरे 5 साल के लिए भारत के राष्ट्रपति का पद संभाला था जब उनके कार्यकाल में देश के उपराष्ट्रपति मुहमद अली अंसारी थे और प्रणब मुखर्जी ने भारत के दो प्रधानमंत्री के साथ काम किया था डॉक्टर मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के साथ।
प्रणब मुखर्जी द्वारा किये गए विभिन्न पदों पर काम | Various Positions Worked By Pranab Mukherjee
प्रणब मुखर्जी ने जब 1969 से राजनीति में अपना करिएर शुरू किया था तब से उनके राष्ट्रपति कार्यकाल तक उन्होंने विभिन पदों पर काम किया था जिसकी सूची नीचे दी गई है। प्रणब मुखर्जी ने 50 साल के राजनीतिक इतिहास में अलग पदों के लिए काम किये जिसमें प्रमुख पद नीचे दिए गए हैं।- 1973 से 1974 केंद्रीय औद्योगिक विकास मंत्री के रूप में काम किया।
- 1974 में केंद्रीय जहाजरानी और परिवहन मंत्री रहे।
- 1974 से 1975 तक एक साल के लिए वित्त राज्य मंत्री रहे।
- 1975 से 1977 दो साल के लिए केंद्रीय राजस्व और बैंकिंग मंत्री मंत्री का कार्यभार संभाला।
- 1978 से 79 कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे।
- 1980 से 1985 तक पांच साल ले लिए राज्यसभा सदन के नेता रहे।
- 1980 से 1982 केंद्रीय वाणिज्य और इस्पात और खान मंत्री रहे।
- 1982 से 1984 दो साल के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री रहे।
- 1982 से 1985 अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स रहे।
- 1982 से 1985 विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स रहे।
- 1982 से 1984 एशियाई विकास बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स रहे।
- 1982 से 1985 अफ्रीकी विकास बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स रहे।
- 1991 से 1996 तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
- 1993 से 1995 तक केंद्रीय वाणिज्य मंत्री रहे।
- एक साल के लिए 1995 से 1996 केंद्रीय विदेश मंत्री रहे।
- 1995 में देश के लिए सार्क मंत्रिपरिषद सम्मेलन के लिए अध्यक्ष का काम किया।
- 1999 से 2012 तक केंद्रीय चुनाव समन्वय समिति के अध्यक्ष के रूप में काम किया।
- 2004 से 2012 तक कांग्रेस पार्टी के लिए लोकसभा के सदस्य के सदन नेता का कार्यभार संभाला।
- 2004 से 2006 तक केंद्रीय रक्षा मंत्री रहे।
- 2006 से 2009 तक प्रणब मुखर्जी ने केंद्रीय विदेश मंत्री के रूप में काम किया।
- 2000 से 08 कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष रहे।
- जब वे राष्ट्रपति बने उससे पहले उन्होंने 2009 तक 2012 तीन साल के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में काम किया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मिली थी ये उपाधियाँ | These honors were received by former President Pranab Mukherjee
प्रणब मुखर्जी को उनके किये गए कामों के लिए भारत में नहीं भारत से बाहर भी उपाधियों और सम्मानों से नवाजा गया था जिनमे कुछ प्रमुख के नाम निम्नलिखित दिए गाये हैं।
- 2011 में यूनिवर्सिटी ऑफ वॉल्वरहैम्प्टन, यूके द्वारा डॉक्टर ऑफ लेटर्स की डिग्री से नवाजा गया।
- मार्च 2012 में असम विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट की उपाधि दी गई।
- विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि से 2012 में नवाजा गया।
- 13 मार्च 2013 को मॉरीशस विश्वविद्यालय द्वारा डीसीएल (डॉक्टर ऑफ सिविल लॉ) की उपाधि दी गई।
- 5 अक्टूबर 2013 को इस्तांबुल विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि का सम्मान गया ।
- 28 नवंबर 2014 को कलकत्ता विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।
- 11 अक्टूबर 2015 को जॉर्डन विश्वविद्यालय द्वारा राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।
- 13 अक्टूबर 2015 को रामल्ला, फिलिस्तीन के अल-कुद्स विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि दी गई ।
- 15 अक्टूबर 2015 को इज़राइल के हिब्रू विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया।
- 3 नवंबर 2016 को काठमांडू विश्वविद्यालय द्वारा नेपाल द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।
- 25 अप्रैल 2017 को गोवा विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि दी गई।
- 16 जनवरी 2018 को चटगांव विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट की उपाधि दी गई।
कैसे और कब हुआ था प्रणब मुखर्जी का निधन | Pranab Mukherjee passes away Date in Hindi
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, जिन्हें मस्तिष्क में एक थक्का विकसित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी 10 अगस्त को उनकी सर्जरी हुई थी, का सोमवार शाम 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी की मृत्यु अत्यधिक संक्रामक कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण हुई थी।
FAQ :- प्रणब मुखर्जी से जुड़े प्रश्न उत्तर
प्रश्न :- प्रणब मुखर्जी भारत के कौन से राष्ट्रपति थे?
उत्तर :- प्रणब मुखर्जी भारत के तेहरवें राष्ट्रपति थे।
प्रश्न :- प्रणब मुखर्जी कब राष्ट्रपति बने थे ?
उत्तर :- प्रणब मुखर्जी 25 जुलाई 2012 में भारत के तेहरवें राष्ट्रपति बने थे।
प्रश्न :- प्रणब मुखर्जी ने पहला लोकसभा चुनाव कब जीता था ?
उत्तर :- अप्रैल मई 2004 में जब भारत में आम लोकसभा के चुनाव हुए थे तो प्रणब मुखर्जी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस से पहली बार चुनाव लड़ के लोकसभा का इलेक्शन जीता था।
प्रश्न :- प्रणब मुखर्जी ने किस लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था ?
उत्तर :- जंगीपुर,गाज़ीपुर प्रणब मुखर्जी ने पहला लोकसभा चुनाव जीता था।
प्रश्न :- कब प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिया गया था ?
उत्तर : गणतंत्र दिवस वाले दिन 26 जनवरी 2019 में प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न सर्वोच्च पुरुस्कार दिया था।
प्रश्न : प्रणब मुखर्जी कब से कब तक राष्ट्रपति रहे?
उत्तर :- 25 जुलाई 2012 से लेकर 25 जुलाई 2017 तक प्रणब मुखर्जी भारत के राष्ट्रपति पांच साल के लिए बने थे।
प्रश्न :- प्रणब मुखर्जी कितनी बार राष्ट्रपति रहे?
उत्तर :- प्रणब मुखर्जी केवल बार ही राष्ट्रपति बने थे।
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