वीर बहादुर सिंह थे उत्तर प्रदेश के चौहदवें और गोरखपुर के पहले मुख्यमंत्री जानिए उनके बारे में | Veer Bahadur Singh was the 14th Chief Minister of Uttar Pradesh and the first Chief Minister of Gorakhpur. Know about him.

 उत्तर प्रदेश  चौहदवें मुख्यमंत्री कौन थे ?

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक उथल पुथल में जब श्री[ पति मिश्रा के बाद नारायण दत्त तिवारी को उत्तार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्होंने दो बार यूपी के सीएम पद की शपथ ग्रहण की और उनके बाद वीर बहादुर सिंह को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। वीर बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के चाहड़वें सीएम थे जिन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। 

हालाँकि वीर बहादुर सिंह दुबारा फिर से सीएम पद से हटा दिया गया और फिर नारायण दत्त तिवारी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। इस पोस्ट में हम उत्तर प्रदेश के चौहदवें मुख्यमंत्री वीर बहादुर के जीवन परिचय,जन्म।परिवार शिक्षा,राजनीतिक सफर और मुख्यमंत्री कार्यकाल के पर एक झलक डालेंगे।

14th सीएम वीर बहादुर सिंह वीर बहादुर सिंह जन्म परिवार और शिक्षा,राजनीति,डेथ 

वीर बहादुर सिंह जन्म परिवार और शिक्षा | Birth and Education

वीर बहादुर सिंह का जन्म 18 फरवरी 1935 में उत्तर प्रदेश के वर्तमान राज्य गोरखपुर में हुआ था। वे एक राजपूत फैमिली से बिलोंग करते थे। इस वक्त उनके एक बेटे हैं जिनका नाम फतेह सिंह है जो इंडियन नेशनल कांग्रेस से सबंध रखते हैं और उत्तर प्रदेश से कई बार मंत्री पद के लिए चुने गए हैं।

वीर बहादुर सिंह का राजनीतिक कैरियर | Political Career


ओम प्रकाश पांडे और श्री बृज भूषण सिंह राजनीतिक गलयारे में उनके करीबी सहयोगी थे इसी कारण वीर बहादुर सिंह ने उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ सौंपी थी। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के क्षेत्र में बहुत सक्रिय नवोदित नेता थे। ओम प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों अर्थात "विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र नेतृत्व" ने अपने चरम को छुआ। उनकी राजनीतिक सफलता का मूल कारण लोगों के अत्याचारों और तेजी से निर्णय लेने के प्रति ओम प्रकाश के लोकलुभावन उपाय थे।

1988 की शुरुआत में अज्ञात कारणों से ओम प्रकाश पांडे की अचानक मृत्यु ने इस क्षेत्र में बढ़ते छात्र राजनीतिक पानी के शासन को तोड़ दिया। श्री बृज भूषण सिंह के रूप में उनकी मृत्यु के बाद सभी छात्र संघ तितर-बितर हो गए, जो जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए बहुत छोटे थे इसलिए अपने राजनीतिक करियर से हट गए। यह वीर बहादुर सिंह और उनके राजनीतिक जीवन के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, इसलिए जून 1988 में राज्य विधानसभा में बहुमत खो दिया।

वीर बहादुर सिंह का उत्तर प्रदेश के चौहदवें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल | Tenure as a CM

वीर बहादुर सिंह 24 सितंबर 1985 से 25 जून 1988 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें 1988 में राजीव गांधी द्वारा केंद्रीय संचार मंत्री नियुक्त किया गया था। बहादुर सिंह को 24 सितंबर 1985 को उत्तर प्रदेश के 14 वें मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था और वे 2 अगस्त 1988 तक 2 साल और 274 दिनों तक बने तक उत्तर प्रदेश सीएम बने रहे। जिस वक्त उन्हें सीएम बनाया गया था उस समय वे पनियारा से उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य थे। उन्हें ND तिवारी के बाद मुख्यमंत्री बनाया गया था। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से पहले मुख्यमंत्री बनने का गौरव उन्हें ही प्राप्त है।

वीर बहादुर सिंह ने क्यों खो दिया था मुख्यमंत्री पद :-

वीर बहादुर सिंह 24 सितंबर 1985 में यूपी के सीएम चुने गए थे पर केंद्र में राजनीति में उस वक्त इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री चुने गए थे राजीव गांधी ने अपने मंत्रिमंडल में बदलाव किया और वीर बहादुर सिंह को उन्होंने संचार मंत्री का पद दिया था। उनके संचार मंत्री का पद सँभालते ही उसके बाद उन्होंने सीएम पद खो दिया था अर्थात उअके बाद एनडी तिवारी को सीएम बनाया गया था ऐसा सब पार्टी में फेर बदल की वजह से हुआ था।

कैसे और कब हुई थी वीर बहादुर सिंह की मृत्यु :-

उतर प्रदेश के चौहदवें मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह का देहांत 30 मई 1989 में  पेरिस के फ्रांस में हुई थी जब उनकी उम्र 54 वर्ष की थी उनका देहांत एक यात्रा के दौरान हुआ था। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

यूपी के नौवें सीएम नारायण दत्त तिवारी का जीवन परिचय | Biography of UP's ninth CM Narayan Dutt Tiwari in Hindi

यूपी के दसवें सीएम थे राम नरेश यादव जानिए उनके जीवन परिचय के बारे में | Ram Naresh Yadav was the tenth CM of UP, know about his biography in Hindi

प्रतिभा पाटिल थे भारत के पहले महिला राष्ट्रपति जानिए उनके जीवन परिचय के बारे में | Pratibha Patil was the first woman President of India know about her life introduction